Top 10 Best Moral Stories Short in Hindi 2020

1. एक बुद्धिमान हंस

मेरे दोस्तों सबके लिए बहुत ही बेहतरीन १० कहानीयां लेकर आया हूँ जैसे की Moral Stories Short in Hindi 2020, Moral-Stories-Short-in-Hindi, moral stories in Hindi for kids, moral stories in Hindi, moral stories of Hindi, moral stories in Hindi for kids, moral stories for kids in Hindi, moral stories short. जो की आप सबको पढने के बाद कुछ सिखने को भी मिलेगा | तो आईये इन कहानियों को हम पढ़ते है |

Moral Stories Short in Hindi
Ek budhiman hansh Moral Story

एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पेड़ पर बहुत सारे हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था, बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी। सब उसका आदर करते ‘ताऊ’ कहकर बुलाते थे।
एक दिन उसने एक नन्ही-सी बेल को पेड़ के तने पर बहुत नीचे लिपटते पाया। ताऊ ने दूसरे हंसों को बुलाकर कहा, देखो, इस बेल को नष्ट कर दो। एक दिन यह बेल हम सबको मौत के मुंह में ले जाएगी।
एक युवा हंस से हंसते हुए बोला, ताऊ, यह छोटी-सी बेल हमें कैसे मौत के मुंह में ले जाएगी?
सयाने हंस ने समझाया, आज यह तुम्हें छोटी-सी लग रही है। धीरे-धीरे यह पेड़ के सारे तने को लपेटा मारकर ऊपर तक आएगी। फिर बेल का तना मोटा होने लगेगा और पेड़ से लपट जाएगा, ऐसे में पेड़ पर चढ़ने के लिए नीचे से ऊपर तक सीढ़ी बन जाएगी। कोई भी शिकारी सीढ़ी के सहारे चढ़कर हम तक पहुंच जाएगा और हम सभी मारे जाएंगे।
दूसरे हंस को यकीन न आया, एक छोटी-सी बेल कैसे सीढ़ी बनेगी?
तीसरा हंस बोला, ताऊ, तू तो एक छोटी-सी बेल को खींचकर ज्यादा ही लंबा कर रहा है।
एक हंस बड़बड़ाया और बोला- यह ताऊ अपनी अक्ल का रौब डालने के लिए अंट-शंट कहानी बना रहा है।
इस प्रकार किसी दूसरे हंस ने ताऊ की बात को गंभीरता से नहीं लिया। इतनी दूर तक देख पाने की उनमें अक्ल ही कहां थी?
समय बीतता रहा। बेल लिपटते-लिपटते ऊपर शाखाओं तक पहुंच गई। बेल का तना मोटा होना शुरू हुआ और सचमुच ही पेड़ के तने पर सीढ़ी बन गई। जिस पर आसानी से चढ़ा जा सकता था। सबको ताऊ की बात की सच्चाई सामने नजर आने लगी। पर अब कुछ नहीं किया जा सकता था क्योंकि बेल इतनी मजबूत हो गई थी कि उसे नष्ट करना हंसों के बस की बात नहीं थी।
एक दिन जब सब हंस दाना चुगने बाहर गए हुए थे तब एक बहेलिया उधर आ निकला। पेड़ पर बनी सीढ़ी को देखते ही उसने पेड़ पर चढ़कर जाल बिछाया और चला गया। अंधेरा होते ही को सारे हंस लौट आए और जब पेड़ से उतरे तो बहेलिए के जाल में बुरी तरह फंस गए।
जब वे जाल में फंस गए और फड़फड़ाने लगे, तब उन्हें ताऊ की बुद्धिमानी और दूरदर्शिता का पता लगा। सब ताऊ की बात न मानने के लिए लज्जित थे और अपने आपको कोस रहे थे। ताऊ सबसे रुष्ट था और चुप बैठा था।
एक हंस ने हिम्मत करके कहा, ताऊ, हम मूर्ख हैं, लेकिन अब हमसे मुंह मत फेरो।
दूसरा हंस बोला, इस संकट से निकालने की तरकीब तू ही हमें बता सकता हैं। आगे हम तेरी कोई बात नहीं टालेंगे। सभी हंसों ने हामी भरी तब ताऊ ने उन्हें बताया, मेरी बात ध्यान से सुनो। सुबह जब बहेलिया आएगा, तब मुर्दा होने का नाटक करना। बहेलिया तुम्हें मुर्दा समझकर जाल से निकालकर जमीन पर रखता जाएगा। वहां पर तुम सभी मरे के समान पड़े रहना| जैसे ही वह अन्तिम हंस को नीचे रखेगा, मैं सीटी बजाऊंगा। मेरी सीटी सुनते ही सब उड़ जाना।
सुबह बहेलिया आया। हंसों ने वैसा ही किया, जैसा ताऊ ने समझाया था।
सचमुच बहेलिया हंसों को मुर्दा समझकर जमीन पर पटकता गया। सीटी की आवाज के साथ ही सारे हंस उड़ गए। बहेलिया चुपचाप होकर देखता रह गया।


शिक्षा/Moral:- बुद्धिमानों की सलाह गंभीरता से लेनी चाहिए और साथ ही अपने से सयानों की बात पर एक बार जरुर गोर करना चाहिए|

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2. पानी और प्यासा कौआ

Best Moral Stories Short in Hindi

गर्मियों के दिन थे. दोपहर के समय बहुत ही सख्त गर्मी पड़ रही थी. एक कौआ पानी की तलाश में इधर – उधर भटक रहा था. लेकिन उसे कही भी पानी नहीं मिला. अंत में वह थका हुआ एक बाग में पहुँचा. वह पेड़ की शाखा पर बैठा हुआ था की अचानक उसकी नजर वृक्ष के नीचे पड़े एक घड़े पर गई. वह उड़कर घड़े के पास चला गया.
वहां उसने देखा कि घड़े में थोड़ा पानी है. वह पानी पीने के लिए नीचे झुका लेकिन उसकी चोंच पानी तक न पहुँच सकी. ऐसा इसलिए हो रहा था क्योंकि घड़े में पानी बहुत कम था.
परन्तु वह कौआ हताश नहीं हुआ बल्कि पानी पीने के लिए उपाय सोचने लगा. तभी उसे एक उपाय सूझा. उसने आस – पास बिखरे हुए कंकर उठाकर घड़े में डालने शुरू कर दिए. लगातार पानी में कंकड़ डालने से पानी ऊपर आ गया. फिर उसने आराम से पानी पिया और उड़ गया.

शिक्षा/Moral:-अगर हम सफल होने के लिए अपने कदम बढ़ाएंगे तो हमें सफलता प्राप्त करने के रास्ते आसानी से मिलने लगेंगे. जहाँ चाह वहीं राह है.

3. एक चालाक लोमड़ी


Moral Stories Short in Hindi
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एक लोमड़ी बहुत भूखी थी. वह अपनी भूख मिटने के लिए भोजन की खोज में इधर – उधर घूमने लगी. जब उसे सारे जंगल में भटकने के बाद भी कुछ न मिला तो वह गर्मी और भूख से परेशान होकर एक पेड़ के नीचे बैठ गई.
अचानक उसकी नजर ऊपर गई. पेड़ पर एक कौआ बैठा हुआ था. उसके मुंह में रोटी का एक टुकड़ा था.
कौवे को देखकर लोमड़ी के मुँह में पानी भर आया. वह कौवे से रोटी छीनने के उपाय सोचने लगी.
तभी उसने कौवे को कहा, ” क्यों भई कौआ भैया! सुना है तुम गीत बहुत अच्छे गाते हो. क्या मुझे गीत नहीं सुनाओगे?.

कौआ अपनी प्रशंसा को सुनकर बहुत खुश हुआ. वह लोमड़ी की बातो में आ गया. गाना गाने के लिए उसने जैसे ही अपना मुँह खोला, रोटी का टुकड़ा नीचे गिर गई.
लोमड़ी ने झट से वह टुकड़ा उठाया और वहां से भाग गई. अब कौआ अपनी मूर्खता पर पछताने लगा.

शिक्षा/Moral:-यह छोटी-सी कहानी हमें स्पष्ट सन्देश देती है कि हमें हमेशा झूठी प्रसंशा से बचना चाहिए|

4. धोबी का गधा


Moral Stories Short in Hindi
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किसी दूर गाँव में एक धोबी रहता था। धोबी रोज लोगों के घर-घर जाता और लोगों के गंदे कपड़े धोने के लिए लेकर जाता था। धोबी के पास एक गधा था जिस पर वो कपड़े लादकर लाया और ले जाया करता था। गधा अब काफी बूढ़ा हो चुका था इसलिए वह काफी कमजोर भी हो गया था।
एक दिन ऐसे ही कड़ी दोपहर में धोबी कपड़े लादकर गधे के उपर रखकर ले जा रहा था। गर्मी की वजह से गधे और धोबी दोनों का बुरा हाल था। अचानक गधे का पैर लड़खड़ाया और बेचारा गधा एक बड़े गढ्ढे में जा गिरा। गधा बेचारा कमजोर तो था ही, फिर भी उसने पूरी ताकत लगायी लेकिन गड्ढे से बाहर नहीं निकल पाया। धोबी ने भी अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया लेकिन गढ्ढा गहरा होने की वजह से गधा बाहर नहीं निकल पा रहा था।
अब तो गधा डर से बुरी तरह चिल्लाने लगा। धोबी भी जब प्रयास करते करते थक गया तो उसने सोचा ये गधा बूढ़ा हो चुका है और अब किसी काम का भी नहीं है तो इसको निकालने से कोई फायदा नहीं है, क्यों ना गड्ढे को मिटटी से भरकर इस गधे को यहीं दफना दिया जाये। यही सोचकर धोबी ने गाँव के लोगों को आवाज लगायी। सारे लोग अपना फावड़ा लेकर आ गए। सब मिलकर जल्दी जल्दी गड्ढे में मिटटी डालने लगे।
पहले तो गधे को कुछ समझ में नहीं आया कि ये क्या हो रहा है? लेकिन जब उसे अहसास हुआ कि ये लोग उसे दफ़नाने वाले हैं तो उसकी आखों में आँसू आ गए। कुछ देर तक गधा चिल्लाता रहा, बाद में उसने चिल्लाना भी बंद कर दिया। सब लोग और तेजी से गड्ढे में मिटटी डालने लगे।
थोड़ी देर बाद धोबी ने जब गड्ढे में झाँककर देखा तो वो हैरान रह गया। गधा वहाँ कुछ विचित्र सी हरकत कर रहा था।
जैसे ही कोई गधे की पीठ पर मिटटी डालता, गधा तुरंत अपनी पीठ हिलाकर मिटटी नीचे गड्ढे में गिरा देता और खुद एक कदम ऊपर हो जाता। यही क्रम चलता रहा जैसे ही गधे की पीठ पे मिटटी डाली जाती वो पीठ हिलाकर मिटटी नीचे गिरा देता और खुद उस मिटटी पे चढ़कर एक कदम ऊपर हो जाता।
धीरे धीरे गढ्ढा मिटटी से भर गया और गधा उछलता हुआ गड्ढे से बाहर निकल आया और सारे लोग गधे को हैरानी से देखते रह गए।

शिक्षा/Moral:- दोस्तों ये कहानी हमें बहुत बड़ी सीख देती है कि आपकी समस्या कितनी भी बड़ी क्यों न हो? गड्ढा कितना भी गहरा क्यों ना हो? घबराइये मत, हर परेशानी को मिटटी की तरह हिलाकर नीचे गिराते जाइये फिर देखिये आप हर समस्या से बाहर निकल आएंगे।

5. अंगूर खट्टे है


Moral Stories Short in Hindi
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एक बार एक लोमड़ी बहुत भूखी थी. वह भोजन की तलाश में इधर – उधर भटकती रही लेकिन कही से भी उसे कुछ भी खाने को नहीं मिला.
अंत में थक हारकर वह एक बाग़ में पहुँच गयी. वहां उसने अंगूर की एक बेल देखी. जिसपर अंगूर के गुच्छे लगे थे.
वह उन्हें देखकर बहुत खुश हुई. वह अंगूरों को खाना चाहती थी, पर अंगूर बहुत ऊँचे थे. वह अंगूरों को पाने के लिए ऊँची – ऊँची छलांगे लगाने लगी.
किन्तु वह उन तक पहुँच न सकी. वह ऐसा करते – करते बहुत थक चुकी थी. आखिर वह बाग से बाहर जाते हुए कहने लगी कि अंगूर खट्टे है. अगर मैं इन्हें खाऊँगी तो बीमार हो जाउंगी.


शिक्षा/Moral:- दोस्तों कभी भी हो हमें हर चीज में या हर हालात में हमेशा अच्छाई ढूंढनी चहिये. हम अगर कोई चीज प्राप्त न कर सके तो उसे बुरा नहीं कहना चाहिए (हमें इस लोमड़ी की तरह अंगूर खट्टे है कभी नहीं बोलना है).

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6. दो बिल्लियाँ और बन्दर

Moral Stories Short in Hindi
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एक नगर में दो बिल्लियाँ रहती थी. एक दिन उन्हें रोटी का एक टुकड़ा मिला. वे दोनों आपस में लड़ने लगी. वे उस रोटी के टुकड़े को दो समान भागों में बाँटना चाहती थी लेकिन उन्हें कोई ढंग नहीं मिल पाया.
उसी समय एक बन्दर उधर से निकल रहा था. वह बहुत ही चालाक था. उसने बिल्लियों से लड़ने का कारण पूछा. बिल्लियों ने उसे सारी बात सुनाई. वह तराजू ले आया और बोला, ” लाओ, मैं तुम्हारी रोटी को बराबर बाँट देता हूँ. उसने रोटी के दो टुकड़े लेकर एक – एक पलड़े में रख दिए. वह बन्दर तराजू में जब रोटी को तोलता तो जिस पलड़े में रोटी अधिक होती, बन्दर उसे थोड़ी – सी तोड़ कर खा लेता.
इस प्रकार थोड़ी – सी रोटी रह गई. बिल्लियों ने अपनी रोटी वापस मांगी. लेकिन बन्दर ने शेष बची रोटी भी मुँह में डाल ली. फिर बिल्लियाँ उसका मुँह देखती रह गई.

शिक्षा/Moral:- बचपन से आपने सुना होगा की कभी भी हमें आपस में लड़ना नहीं चाहिए. कोई भी दोस्त या परिवार तब तक बहुत मजबूत होता है, जब तक उनमे आपसी प्यार और विश्वास होता है पर जब वह आपस में लड़ने लगते है तो इससे दूसरे लोग भी फायदा उठाते है. वह इस लड़ाई को बड़ा बनाकर अपना मुनाफा ढूंढ लेते है. इसलिए लड़ने से अच्छा है एक साथ रहना साथ ही कोई भी मुसीबत हो उसे मिलकर दूर करना.

7. चार मित्र और शिकारी



Moral Stories Short in Hindi
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जंगल में हिरन, कौआ, कछुआ और चूहे की गाढ़ी मित्रता थी| एकबार जंगल में शिकारी आया और उस शिकारी ने हिरन को अपने जाल में फंसा लिया|
अब बेचारा हिरन असहाय सा जाल में फंसा था उसे लगा कि आज मेरी मृत्यु निश्चित है| इस डर से वह घबराने लगा| तभी उसके मित्र कौए ने ये सब देखा और उसने कछुआ और चूहे हो भी हिरन की सहायता के लिए बुला लिया|
कौए ने जाल में फंसे हिरन पर इस तरह चोंच मारना शुरू कर दिया जैसे कौये किसी मृत जानवर की लाश को नोंचकर खाते हैं| अब शिकारी को लगा कि कहीं यह हिरन मर तो नहीं गया|
तभी कछुआ उसके आगे से गुजरा| शिकारी ने सोचा हिरन तो मर गया इस कछुए को ही पकड़ लेता हूँ| यही सोचकर वह कछुए के पीछे पीछे चल दिया|
इधर मौका पाते ही चूहे ने हिरन का सारा जाल काट डाला और उसे आजाद कर दिया|
शिकारी कछुए के पीछे- पीछे जा ही रहा था कि तभी कौआ उड़ता हुआ आया और कछुए को अपनी चौंच में दबाकर उड़ाकर ले गया| इस तरह सभी मित्रों ने मिलकर एक दूसरे की जान बचायी|


शिक्षा/Moral:- साथ में मिलकर कार्य करने से कठिन कार्य भी आसान हो जाते हैं|

8. लालची कुत्ता


Moral Stories Short in Hindi
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एक गाँव में एक कुत्ता था. वह बहुत लालची था. वह भोजन की खोज में इधर – उधर भटकता रहा. लेकिन कही भी उसे भोजन नहीं मिला. अंत में उसे एक होटल के बाहर से मांस का एक टुकड़ा मिला. वह उसे अकेले में बैठकर खाना चाहता था. इसलिए वह उसे लेकर भाग गया.
एकांत स्थल की खोज करते – करते वह एक नदी के किनारे पहुँच गया. अचानक उसने अपनी परछाई नदी में देखी. उसने समझा की पानी में कोई दूसरा कुत्ता है जिसके मुँह में भी मांस का टुकड़ा है.

उसने सोचा क्यों न इसका टुकड़ा भी छीन लिया जाए तो खाने का मजा दोगुना हो जाएगा. वह उस पर जोर से भौंका. भौंकने से उसका अपना मांस का टुकड़ा भी नदी में गिर पड़ा. अब वह अपना टुकड़ा भी खो बैठा. अब वह बहुत पछताया तथा मुँह लटकाता हुआ गाँव को वापस आ गया.

शिक्षा/Moral:- लालच बुरी बला है. हमें कभी भी लालच नहीं करना चाहिए. जो भी इंसान लालच करता है वह अपनी लाइफ में कभी भी खुश नहीं रह सकता. हमें अपनी मेहनत या किस्मत का जितना भी मिल गया. उससे अपना काम निकालना चाहिए.


9. चूहा और साधु


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किसी गाँव में एक साधु रहता था| वह साधु एक मंदिर में रहता था और लोगों की सेवा करता था| भिक्षा मांगकर जो कुछ भी उसे मिलता वह उसे उन लोगों को दान कर देता जो मंदिर साफ़ करने में उसका सहयोग करते थे|
उस मंदिर में एक चूहा भी रहता था| वह चूहा अक्सर उस साधु का रखा हुआ अन्न खा जाता था| साधु ने चूहे को कई बार भगाने की कोशिश की लेकिन वह चकमा देकर छिप जाता|
साधु ने उस चूहे को पकड़ने की काफी कोशिश की लेकिन वह हरबार असफल रहता| साधु एकदिन परेशान होकर अपने एक मित्र के पास गया|

उसके मित्र ने उसे एक योजना बताई कि चूहे ने मंदिर में अपना कहीं बिल बना रखा होगा और वह वहां अपना सारा खाना जमा करता होगा| अगर उसके बिल तक पहुंचकर सारा खाना निकाल लिया जाये तो चूहा खुद ही कमजोर होकर मर जायेगा|
अब साधु और उसके मित्र ने जहाँ तहाँ बिल खोजना शुरू कर दिया| अंततः उनको बिल मिल ही गया जिसमें चूहे ने खूब सारा अन्न चुराकर इकठ्ठा कर रखा था| बिल खोदकर सारा अन्न बाहर निकाल दिया गया|
अब चूहे को खाना नहीं मिला तो वह कमजोर हो गया और साधु ने अपनी छड़ी से कमजोर चूहे पर हमला किया| अब चूहा डर कर भाग खड़ा हुआ और फिर कभी मंदिर में नहीं आया|

शिक्षा/Moral:- अपने शत्रु को हराना है तो पहले उसकी शक्तियों पर हमला कर दो| शक्तियां खत्म तो शत्रु स्वयं कमजोर पड़ जायेगा|

10. नन्हीं चिड़िया


Moral Stories Short in Hindi
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बहुत समय पुरानी बात है, एक बहुत घना जंगल हुआ करता था| एक बार किन्हीं कारणों से पूरे जंगल में भीषण आग लग गयी| सभी जानवर देख के डर रहे थे की अब क्या होगा??
थोड़ी ही देर में जंगल में भगदड़ मच गयी सभी जानवर इधर से उधर भाग रहे थे पूरा जंगल अपनी अपनी जान बचाने में लगा हुआ था| उस जंगल में एक नन्हीं चिड़िया रहा करती थी उसने देखा क़ि सभी लोग भयभीत हैं जंगल में आग लगी है मुझे लोगों की मदद करनी चाहिए|
यही सोचकर वह जल्दी ही पास की नदी में गयी और चोच में पानी भरकर लाई और आग में डालने लगी| वह बार बार नदी में जाती और चोच में पानी डालती| पास से ही एक उल्लू गुजर रहा था उसने चिड़िया की इस हरकत को देखा और मन ही मन सोचने लगा बोला क़ि ये चिड़िया कितनी मूर्ख है इतनी भीषण आग को ये चोंच में पानी भरकर कैसे बुझा सकती है|
यही सोचकर वह चिड़िया के पास गया और बोला कि तुम मूर्ख हो इस तरह से आग नहीं बुझाई जा सकती है|
चिड़िया ने बहुत विनम्रता के साथ उत्तर दिया-“मुझे पता है कि मेरे इस प्रयास से कुछ नहीं होगा लेकिन मुझे अपनी तरफ से best करना है, आग कितनी भी भयंकर हो लेकिन मैं अपना प्रयास नहीं छोड़ूँगी”

उल्लू यह सुनकर बहुत प्रभावित हुआ|

शिक्षा/Moral:- तो मित्रों यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है कि जब कोई भी परेशानी आती है तो इंसान घबराकर हार मान लेता है लेकिन हमें बिना डरे प्रयास करते रहना चाहिए यही इस कहानी की शिक्षा है|


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